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à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास ठीक से होना चाहिठऔर 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पहà¥à¤à¤šà¤¨à¤¾ इस बात का संकेत है कि आपने अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का अचà¥à¤›à¥€ तरह से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा है। लेकिन अà¤à¥€ à¤à¥€ आपको सावधानी बरतने की उतनी ही जरूरत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह चरण आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का आखिरी चरण है जहाठआपको अधिक सतरà¥à¤• रहने की जरूरत होती है । आपकी जीवनशैली दà¥à¤°à¥‚सà¥à¤¤ होनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सीधा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है । अंतिम तिमाही के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीने में आपको अपनी कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ होगा जिससे कि यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि आपके गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहें। जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ या à¤à¤•ाधिक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की जरूरत होती है ।
जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का विकास
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में, आपके शिशà¥à¤“ं का शारीरिक विकास पहले जैसे ही जारी रहता है, लेकिन अब वो अधिक सतरà¥à¤• हो रहे हैं । कà¥à¤¯à¤¾ आपको वह चरण याद है, जब आपके बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤ में शांति से आराम करते थे? अब आपको वो समय à¤à¤• बीती बात लगेगी! अपने गरà¥à¤ में आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हलचल महसूस कर सकेंगी, उनकी आà¤à¤–ों की रोशनी में सà¥à¤§à¤¾à¤° जारी रहेगा, बाहरी पà¥à¤°à¤•ाश और आवाजों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनकी संवेदनशीलता तेजी से विकसित होगी। आप इसे कई तरीकों से महसूस कर सकेंगी, जैसे यदि बचà¥à¤šà¥‡ सोना चाहते हैं और आप दिन की रोशनी में बाहर हैं, तो वे आपके गरà¥à¤ में करवट लेकर और दूसरी तरफ मà¥à¤à¤¹ करके आराम से सोने की कोशिश करेंगे।
इस समय कई शिशà¥à¤“ं के जननांग विकसित हो जाते हैं, जबकि कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं में, यह अà¤à¥€ à¤à¥€ विकसित हो रहे होते हैं। बालक शिशà¥à¤“ं में टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ (अंडकोष) धीरे-धीरे नीचे खिसकना शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤² सैक का इतना विकास हो जाता है कि टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•लà¥à¤¸ को संà¤à¤¾à¤² सके। इसी पà¥à¤°à¤•ार, बालिका शिशà¥à¤“ं में कà¥à¤²à¤¿à¤Ÿà¤°à¤¿à¤¸ बनने लगता है।
à¤à¤•ाधिक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने वाली माओं को उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन संबंधी चिंता लगी रहती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपके सामने अधिकांश उदाहरण उन महिलाओं के होंगे जिनके गरà¥à¤ में à¤à¤• ही बचà¥â€à¤šà¤¾ पल रहा होगा। à¤à¤• से अधिक à¤à¥à¤°à¥‚णों का वजन और लंबाई पà¥à¤°à¤¾à¤¯: गरà¥à¤ में पल रहे à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी कम होती है। हालांकि जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ तेजी से वृदà¥à¤§à¤¿ कर सकते हैं। à¤à¤• परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आहार शिशà¥à¤“ं के बेहतर विकास में मदद कर सकता है। अब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने गरà¥à¤ में चूसने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर दी है जो जनà¥à¤® के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमददगार साबित होगी।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का आकार कà¥à¤¯à¤¾ होता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, आपके शिशà¥à¤“ं का आकार जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤• गोà¤à¥€ के फूल जितना होगा। इस समय में à¤à¤•ल बचà¥à¤šà¥‡ आमतौर पर 900 गà¥à¤°à¤¾à¤® वजन के होते हैं और उनकी लंबाई लगà¤à¤— 37 सेंटीमीटर होती है। हालांकि, à¤à¤• से अधिक शिशॠहोने पर उनका वजन इस मà¥à¤•ाबले में कम हो सकता है।
27वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत आरामदायक चरण से तीसरी तिमाही की ओर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करेंगी, आपको अपने शरीर में दिखाई देने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पता चल जाà¤à¤—ा कि आप तीसरी तिमाही में कदम रख चà¥à¤•ी हैं।
बढ़ते हà¥à¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार और शरीर के वजन के कारण शरीर शरीर के अलग-अलग अंगों में दरà¥à¤¦ होता है। आपकी जांघों और पैरों के जोड़ों पर इसका सबसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशà¥à¤“ं का वजन उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही वहन किया जाता है। आंतरिक अंगों पर दबाव पड़ने और गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ के केंदà¥à¤° में बदलाव होने के कारण आपकी पीठऔर कूलà¥à¤¹à¥‡ के निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ पैदा हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लगातार विकास से आपके पेट और आंतों पर अधिक दबाव पड़ता है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे सीमित जगह के चलते संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो जाते हैं। जिसके कारण अपच और पेट फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जनà¥à¤® ले लेती हैं, आप à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करने के लिठखà¥à¤¦ को तैयार करें। à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ इससे बचने के लिठआपको अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के समय को समायोजित करना पड़ सकता है।
आपका हृदय गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के साथ-साथ शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों के लिठखून को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पंप करेगा। आपके चेहरे पर इस बढ़े हà¥à¤ परिसंचरण का सबसे अधिक दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होगा, जिसके कारण मसूड़े, नाक और गला पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। आपको अपने दाà¤à¤¤à¥‹à¤‚ को बà¥à¤°à¤¶ करते समय अपने मसूड़ों से खून आने का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है, आपकी नाक से à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¥€ हो सकता है या आपको अपनी नाक à¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ महसूस हो सकती है और आपको अपने गले में अतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• खराश का अनà¥à¤à¤µ होगा।
इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ आपके हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं और आपको नींद न आने व अजीब सपने आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। कà¥à¤› महिलाओं को दिन में अचानक गरà¥à¤®à¥€ होने या अचानक ठंड लगने का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। यदि आपको किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° लगती है, तो बिना देर किठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£
जब आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आ जाती हैं तो इसके बाद आपको किसी अनà¥à¤¯ संकेत की जरूरत नहीं होती है जो इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करे कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं। फिर à¤à¥€, ये लकà¥à¤·à¤£ आपको दिखाई देते रहेंगे, जिनकी आपको आदत डालनी होगी:
जैसे ही तीसरी तिमाही शà¥à¤°à¥‚ होगी, आपको कई बार महसूस होगा की पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय आ गया है, लेकिन ये संकेत सच नहीं होंगे। आपको इस दौरान छोटे-छोटे संकà¥à¤šà¤¨ का अनà¥à¤à¤µ होगा, जिसे बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ के रूप में जाना जाता है, ये संकà¥à¤šà¤¨ आपको अनियमित रूप से कà¥à¤› मिनटों के लिठमहसूस होंगे और फिर कम हो जाà¤à¤‚गे। हालांकि à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥â€à¤¯ है, लेकिन यदि आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ हो रहा है और ये बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा है तो आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ने के कारण आपको, गैस और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। बचà¥à¤šà¥‡ आपकी आंतों पर बहà¥à¤¤ अधिक वजन डालते हैं, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प आपकी कबà¥à¤œ की परेशानी बॠसकती है। यदि आपको बवासीर की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ है, तो इससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और à¤à¥€ बिगड़ सकती है।
जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का विकास होने लगता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह चाहिठहोती है जिससे अनà¥à¤¯ अंगों पर दबाव पड़ने लगता है । नतीजतन, आपके डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® और फेफड़ों पर à¤à¥€ दबाव पड़ता है । दबाव पड़ने की वजह से ये अंग अचà¥à¤›à¥€ तरह से फैल नहीं पाते हैं और अपना कारà¥à¤¯ उतने बेहतर तरीके से नहीं करते हैं जितना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना चाहिà¤, इस वजह से आपको अचà¥à¤›à¥‡ तरीके से सांस लेने में à¤à¥€ परेशानी होती है।
सà¤à¥€ अंगों में, सबसे अधिक दबाव आपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर पड़ता है । गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस चरण में पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ तक आपका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर नियंतà¥à¤°à¤£ कम हो जाà¤à¤—ा, जिससे आप जब छींकती हैं, खांसती हैं, हंसती हैं या किसी à¤à¥€ तरह का जोर लगाती हैं, तो थोड़ा सा पेशाब निकल सकता है। इसका कोई उपचार नहीं है, सिवाय इसके कि जब आपको à¤à¤¸à¤¾ महसूस हो तो आप टॉयलेट जाà¤à¤‚।
जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पेट
यदि आप उन à¤à¤¾à¤—à¥â€à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ महिलाओं में से à¤à¤• हैं जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशनियों का सामना नहीं करना पड़ा है, तो आपका पेट यह बताने में मदद करेगा कि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के किस चरण में हैं। वजन बढ़ने के साथ आपके शिशà¥à¤“ं का विकास लगातार जारी रहेगा। जिससे आपके पेट के आकार में à¤à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ होगी। इस समय कà¥à¤› महिलाओं को पेट के आसपास खिंचाव या दबाव महसूस हो सकता है।
जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 27वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड
वैसे इस समय में जब तक बहà¥à¤¤ जरूरी न हो तब तक आपको अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड परीकà¥à¤·à¤£ करने के लिठनहीं कहा जाà¤à¤—ा, बलà¥à¤•ि आने वाले हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जांच जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ की जाà¤à¤—ी । अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से कà¥à¤› अधिक पता नहीं चलेगा, सिवाय बचà¥â€à¤šà¥‡ के रूक-रूक कर अंगूठा चूसने हà¥à¤ सोने के।
इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आपको पिछले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की तरह ही आहार लेने की सलाह दी जाती है। बस इस बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें कि à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का राज आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठजाने वाले सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार में छिपा होता है। कोशिश करें कि दिन में तीन बार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के बजाय दिन à¤à¤° में थोड़े-थोड़े अंतराल पर कà¥à¤› न कà¥à¤› खाती रहें, इससे आपकी अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम किया जा सकता है । अपने दिन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ नाशà¥à¤¤à¥‡ से करें, जबकि दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और आयरन की पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤ नियमित रूप से दही लें। बिना किसी चीनी का उपयोग किठघर पर बने फलों के जूस का सेवन करना आपके लिठफायदेमंद होगा।
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